बरेली में बारिश ने खोली जलनिकासी व्यवस्था की पोल, सड़कें बनीं तालाब

0 54

- Advertisement -

बरेली में बारिश ने खोली जलनिकासी व्यवस्था की पोल, सड़कें बनीं तालाब

सिटी स्टेशन रोड पर जलभराव से थमी रफ्तार, ओल्ड सिटी से हजियापुर-सैलानी और जोगी नवादा तक पानी-पानी; सुभाषनगर, किला, बाकरगंज, संजय नगर की कॉलोनियों में घुटनों तक पानी, नाले हुए फुल

- Advertisement -

बरेली। शुक्रवार से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने शनिवार सुबह तक पूरे बरेली शहर की तस्वीर बदल दी। तेज बारिश के बाद शहर के कई प्रमुख मार्ग और निचले इलाके जलभराव की चपेट में आ गए। सिटी स्टेशन रोड से लेकर ओल्ड सिटी, हजियापुर, सैलानी, जोगी नवादा, सुभाषनगर, किला, बाकरगंज, संजय नगर और जाटवपुरा तक जगह-जगह पानी भर गया। कई कॉलोनियों में हालात ऐसे रहे कि लोगों को घुटनों तक भरे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा।

सिटी स्टेशन रोड पर सड़क या तालाब!

शनिवार सुबह सिटी स्टेशन के सामने का नजारा जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता दिखाई दिया। सड़क पर काफी मात्रा में पानी भरने के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को पानी के बीच से होकर निकलना पड़ा। कई हिस्सों में सड़क तालाब जैसी नजर आई। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी, जबकि पैदल यात्रियों को भी पानी से होकर गुजरना पड़ा।

सिटी स्टेशन रोड शहर की प्रमुख सड़कों में शामिल है। यह मार्ग दिल्ली-लखनऊ हाईवे से जुड़ता है और स्टेशन होने के कारण यहां दिनभर बड़ी संख्या में यात्रियों और वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में जलभराव ने यातायात व्यवस्था को भी प्रभावित किया।

ओल्ड सिटी से जोगी नवादा तक पानी का संकट

बारिश का असर सिर्फ मुख्य मार्गों तक सीमित नहीं रहा। ओल्ड सिटी, हजियापुर, सैलानी और जोगी नवादा जैसे निचले इलाकों में भी पानी भरने की स्थिति सामने आई। कई स्थानों पर गलियों में पानी जमा हो गया और लोगों को घरों से बाहर निकलने में परेशानी हुई।

सुभाषनगर, किला और बाकरगंज क्षेत्र की कई कॉलोनियों में भी घुटनों तक पानी भरने की स्थिति बताई गई। संजय नगर की कुछ कॉलोनियों में भी बारिश का पानी सड़कों और गलियों में जमा रहा। जाटवपुरा समेत कई इलाकों में नाले बारिश के पानी से फूल गए।

बारिश तेज होते ही क्यों डूब जाता है शहर?

स्थानीय लोगों का कहना है कि जलभराव बरेली के लिए नई समस्या नहीं है। तेज बारिश शुरू होते ही कई इलाकों में पानी जमा होने लगता है। लोगों का आरोप है कि कई स्थानों पर नालों की क्षमता और सफाई व्यवस्था तेज बारिश के दौरान पानी की निकासी के लिए पर्याप्त साबित नहीं होती।

सवाल यह है कि हर साल बारिश से पहले नालों की सफाई और जलनिकासी की तैयारियों के दावों के बावजूद तेज बारिश होते ही शहर के निचले इलाकों में जलभराव क्यों हो जाता है? सिटी स्टेशन जैसे प्रमुख मार्ग पर पानी जमा होना भी व्यवस्था के सामने बड़ा सवाल खड़ा करता है।

गलियों और घरों के सामने तक पहुंचा पानी

कई निचले इलाकों में बारिश का पानी गलियों से होते हुए घरों के दरवाजों तक पहुंच गया। लोगों को जरूरी काम के लिए पानी के बीच से होकर निकलना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को हुई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक शहर में जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था मजबूत नहीं होगी, तब तक हर बड़ी बारिश के बाद यही तस्वीर दोहराती रहेगी।

आज अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के शनिवार 26 सितंबर के अलर्ट को देखते हुए बरेली और तराई क्षेत्र में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की आशंका बनी हुई है। लगातार बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में जलभराव और आकस्मिक बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में पहले से पानी से जूझ रहे इलाकों में हालात और बिगड़ने की आशंका है।

कक्षा 1 से 12 तक के स्कूल बंद

बारिश और मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने शनिवार को बरेली जिले में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूल बंद रखने का आदेश दिया है। यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई समेत सभी बोर्ड के विद्यालयों पर यह आदेश लागू है।

23 डिग्री के आसपास रह सकता है अधिकतम तापमान

लगातार बारिश के चलते बरेली में तापमान में भी गिरावट आई है। शनिवार को अधिकतम तापमान करीब 23 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। रविवार को भी बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। सोमवार से मौसम में कुछ सुधार की संभावना जताई गई है।

सवाल वही—हर बारिश में क्यों डूबता है बरेली?

मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर शहर की जलनिकासी व्यवस्था की हकीकत सामने ला दी है। सिटी स्टेशन रोड जैसे प्रमुख मार्ग से लेकर ओल्ड सिटी, हजियापुर, सैलानी, जोगी नवादा, सुभाषनगर, किला, बाकरगंज, संजय नगर और जाटवपुरा जैसे इलाकों तक जलभराव की तस्वीरें सामने आ रही हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि बारिश का पानी उतरने के बाद जिम्मेदार विभाग जलभराव के स्थायी समाधान के लिए क्या कदम उठाते हैं, या फिर अगली बारिश में बरेली दोबारा इसी तरह पानी-पानी होता नजर आएगा।